In Reply to: khushbu posted by YUSUF KHAN on May 12, 2008 at 09:48:05:
: मेरा नाम युसुफ़ है. मे क्लास 6मे हू,मेरी उम्र 12 साल है : मेरे भाई जान की एक गर्ल फ्रेंड है,जिसका नाम खुशबू है,जिसे मे खुशबू भाभी कहता हू. : एक दिन मे घर मे अकेला था,सो मे अपनी पैंट मे हाथ डालकर बिस्तर पे लेता था. : दरवाज़ा खुला था,तो खुशबू भाभी सीधे अंदर चली आई. अंदर आते ते से ही उसने यह नज़ारा देख लिया. : भाभी : ये क्या कर रहे थे. : मे : मुझे खुजली हो रही थी. : भाभी : मे खुज़ादू. : मे : खुजा दो : भाभी ने पैंट के अंदर हाथ डाला और सहलाने लगी,मुझे बहुत मझा आ रहा था,फिर मुझे गोद मे : बिताला और मेरे होंठ चूसने लगी,मुझे तो एसा लगा जैसे जनत मिल गयी. : थोड़ी देर बाद मेने अपने होंठ हटाए और कहा आप होली खेलती है. : भाभी : हा. : मे : मेरे साथ खेलँगी. : भाभी : हा. : फिर से भाभी मेरे होंठ चूसने लगी. थोड़ी देर बाद, : मेने फिर अपने होंठ हटाए और कहा दरवाज़ा खुला हे लगा के आता हू. मे उठा और दरवाज़ा लगा लिया. : जैसे ही मे मुड़ा मेने देखा की भाभी मुस्कुराते हुए मुझे देख रही थी. : भाभी : तुम बिस्तर पे लेट जायो,मे तुमारे उपर लेतुँगी. : मे बिस्तर पे लेट गया और भाभी मेर उपर लेट गयी. : मे : आपका वज़न जायदा हे,एसा करते हे की मे आपके उपर लेट जाता हू. : भाभी मेरे उपर से हट गयी, और मे भाभी के उपर लेट गया. : भाभी : पूरी पैंट उतार दो. : मेने अपनी पैंट उतार दी. : और भाभी के उपर लेट गया. : भाभी फिर मेरे होंठ चूसने लगी. : थोड़ी देर बाद डोर बेल बजने की आवाज़ आई,मेने जल्दी से अपनी पैंट पहनी होंठ पोछे,और दरवाज़ा खोलने चला गया. : दरवाज़े पे भाई जान थे,मुझे धबराया देख पूछूने लगे क्या हुआ. : मे : कुछ नही. : भाई जान अंदर आए तो भाभी से कहने लगे खुशबू क्या हो रहा था. : भाभी : कुछ नही. : भाई जान : कुछ तो हो रहा था. : भाभी चली गयी. : उस दिन से भाई जान अक्सर उस धटना का ज़िक्र करते हे और मे टाल जाता हू.